केन्द्र सरकार यूनिफाइड पेंशन स्कीम की की बजाए ओपीएस करे बहाल :- विजेन्द्र धारीवाल
यूपीएस में कर्मचारी शेयर की वापसी का कोई प्रावधान नहीं
25 साल से कम सेवा वाले कर्मचारियों को यूपीएस का नहीं मिलेगा पूरा लाभ
अगले सप्ताह कुरुक्षेत्र में बुलाई जाएगी संघर्ष समिति की राज्य स्तरीय बैठक
मीडिया रिपोर्ट, चंडीगढ़।।
नेशनल मूवमेंट फ़ॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय मुख्य संगठन सचिव और पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष विजेन्द्र धारीवाल ने कहा कि जैसा कि पूर्वानुमान था यूनिफाइड पेंशन स्कीम में अंतिम वेतन की 50% की गारण्टी के साथ बहुत सारी छुपी शर्ते लगाई गई है जिसके कारण केवल कुछ कर्मचारियों को ही यूपीएस में अंतिम वेतन की आधी पेंशन मिल सकेगी। इसके इलावा यूपीएस में कर्मचारियों के कॉन्ट्रिब्यूशन ( बेसिक + DA का 10 % ) को वापिस नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों द्वारा यूपीएस के पूरे फण्ड को पेंशन के लिए लगाना अनिवार्य होगा।
धारीवाल ने बताया कि यूपीएस में 25 साल से कम सर्विस पर VRS का प्रावधान नहीं होगा, पहले नोकरी छोड़ने पर कर्मचारी को पूरी पेंशन नहीं मिलेगी, इसके इलावा वहां 25 साल की सेवा के दौरान यूपीएस में जमा कॉर्पस से जरूरत पड़ने पर कोई निकासी नहीं कर सकेगा।यूपीएस में मेडिकल प्रतिपूर्ति का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। रिटायरमेंट पर अपने इंडिविजुअल कॉर्पस यानि अपने प्राण एकाउंट में सारी जमापूंजी को सरकार के पूल कॉर्पस एकाउंट में ट्रांसफर करना होगा तभी केवल यूपीएस पेंशन मिलेगी और पूल कॉर्पस में जमापूंजी से कुछ नहीं मिलेगा अर्थात यूपीएस पाने के लिए कर्मचारी को अपना अंशदान भी सरकार को देना होगा।
रिटायरमेंट पर केवल दस साल की सेवा की एवज में दो अंतिम वेतन, पंद्रह साल के सेवाकाल वाले को तीन अंतिम वेतन, बीस साल की सेवाकाल वाले को चार अंतिम वेतन, पच्चीस साल की सेवाकाल वाले को पांच अंतिम वेतन और तीस साल की सेवाकाल वाले को छह अंतिम वेतन के बराबर की राशि मिलेगी। पच्चीस साल की सेवा पूरी करने के बाद ही 12 अंतिम बेसिक वेतन की औसत का पचास फिसदी पेंशन के रूप में पाने का हकदार होगा अन्यथा कम सेवाकाल होने पर अनुपातिक कम पेंशन होगी और दस साल से कम सेवाकाल पर कर्मचारी UPS पेंशन का हकदार नहीं होगा।
UPS के तहत यदि पेंशन दस हजार से कम होगी तो न्यूनतम दस हजार पेंशन जरूर होगी। धारीवाल ने कहा कि यूपीएस किसी भी तरह से ओपीएस का विकल्प नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि यूपीएस कर्मचारियों की बेहतरी के लिए नहीं बल्कि इसलिए लाई गई है कि आने वाले समय में एनपीएस वालों की बड़ी संख्या में रिटायरमेंट शुरू होगी और पैसा शेयर बाजार से निकलना शुरू होगा जो अब तक केवल जमा हो रहा था और अब शेयर बाजार से एनपीएस का पैसा वापिस न निकले, उसे रोकने के लिए नयी योजना यूपीएस लाई गई है। केंद्र सरकार को चाहिए कि कर्मचारी हित्त को देखते हुए यूपीएस जैसी आधी अधूरी योजना लाने की बजाए पूर्ण रूप से ओपीएस बहाली की घोषणा करे।
विजेन्द्र धारीवाल ने कहा कि अगले सप्ताह पेंशन बहाली संघर्ष समिति की राज्य कार्यकारिणी की मीटिंग कुरुक्षेत्र में बुलाई जाएगी। जिसमें सभी विभागों के कर्मचारियों से यूनिफाइड पेंशन स्कीम पर मूल्यांकन करते हुए राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार से ओपीएस बहाली की मांग की जाए।
Central Government Should Reinstate OPS Instead of Unified Pension Scheme: Vijender Dhariwal
- No Provision for Withdrawal of Employee Contribution in UPS
- Employees with Less Than 25 Years of Service Won't Fully Benefit from UPS
- State-Level Meeting of Struggle Committee to Be Held Next Week in Kurukshetra
Media Report, Chandigarh:
Vijender Dhariwal, National Chief Organizational Secretary of the National Movement for Old Pension Scheme and President of Pension Bahali Sangharsh Samiti, Haryana, criticized the Unified Pension Scheme (UPS), highlighting its hidden conditions. He stated that despite guarantees of 50% of the last drawn salary as a pension, UPS only benefits select employees due to its stringent conditions.
Key Concerns Raised by Dhariwal:
- UPS does not allow employees to withdraw their contributions (10% of Basic + DA).
- Employees must use their entire fund for pension purposes, and no withdrawals are allowed during the 25 years of service.
- There is no provision for medical reimbursement under UPS.
- Employees must transfer their individual corpus from the NPS account to the government's pool corpus account upon retirement to receive a UPS pension.
- Employees with less than 25 years of service will not receive a full pension, and those with less than 10 years of service will not qualify for UPS pension benefits.
Dhariwal added that the minimum pension under UPS would be ?10,000 if the calculated amount falls short. However, UPS cannot replace OPS, as it is designed to retain funds in the stock market rather than serve employees' welfare.
Dhariwal urged the central government to restore OPS entirely, considering employees' interests. A state executive meeting of the Pension Bahali Sangharsh Samiti will be convened next week in Kurukshetra to evaluate UPS and demand OPS reinstatement through the state government.
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